कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल का कहना है कि अयोध्या में राम मंदिर तभी बनेगा, जब ईश्वर की इच्छा होगी. सिब्बल ने कहा कि राम मंदिर मोदी जी के कहने से नहीं बनेगा, मामला कोर्ट में है. जब भगवान चाहेगा, तभी राम मंदिर बनेगा.
पीएम मोदी के हमलों का जवाब देते हुए सिब्ब्ल ने कहा, ‘हम भगवान पर भरोसा करते हैं, हमें आप पर भरोसा नहीं है मोदी जी. आप राम मंदिर नहीं बनाने जा रहे हैं, मंदिर तभी बनेगा जब ईश्वर की मर्जी होगी. इसका फैसला कोर्ट करेगा.’ कांग्रेस नेता ने बोला, ‘हमारे प्रधानमंत्री कभी-कभी बिना कुछ जाने कमेंट कर देते हैं. अमित शाह और पीएम ने कहा कि मैंने सुन्नी वक्फ बोर्ड का प्रतिनिधित्व किया. जबकि मैं कभी सुन्नी वक्फ बोर्ड का वकील नहीं रहा.’ सिब्बल ने सवाल किया कि उनके कोर्ट जाने और किसी का प्रतिनिधित्व करने से क्या देश की गंभीर समस्याएं सुलझ जाएंगी. अगर हां, तो पीएम को बताना चाहिए. बयानबाजी से देश का भला नहीं होगा, सिर्फ हमारे देश में विवाद बढ़ जाएंगे. सिब्बल ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ध्यान नहीं दिया कि मैंने सुप्रीम कोर्ट में कभी भी सुन्नी वक्फ बोर्ड का प्रतिनिधित्व नहीं किया. इसके बाद भी उन्होंने एक बयान के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को धन्यवाद दिया. पीएम से गुजारिश है कि वे आगे थोड़ा सावधान रहें.’

The Congress leader said he never represented the Sunni Waqf Board in the Supreme Court and clarified to the Indian Express that he was the lawyer for one Iqbal Ansari, a co-petitioner in the lawsuit Hitting out at Prime Minister Narendra Modi for lauding the Sunni Waqf Board for distancing itself from his stand on the Ayodhya dispute, lawyer Kapil Sibal said he had a habit of commenting on issues without getting facts right. The Congress leader said he never represented the Sunni Waqf Board in the Supreme Court and clarified to the Indian Express that he was the lawyer for one Iqbal Ansari, a co-petitioner in the lawsuit over the title to the disputed Ramjanmabhoomi-Babri Masjid site. “The PM did not check the fact that actually I never represented the Sunni Waqf Board in the Supreme Court. And yet he thanked Sunni Waqf Board for a statement on the basis that I represented them. Request PM and Amit Shah to be a little more careful,” ANI quoted Sibal as saying.

पीएम मोदी वोटरों को राजनैतिक संदेश दे रहे हैं कि कांग्रेस राम मंदिर को 2019 तक लटकाना चाहती है.जबकि कांग्रेस का कहना है कि कपिल सिब्बल किसी की भी नुमाइंदगी कर सकते हैं. इसस मामले से उनका लेना-देना नहीं है. वहीं पीएम मोदी ने सिब्बल की मांग को ग़लत बतानेवाले सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के हाजी महबूब का अभिनंदन किया है.
राम मंदिर का मुद्दा अब गुजरात चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है. अयोध्या विवाद की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में कपिल सिब्बल की मांग पर पीएम मोदी ने गुजरात की सभा में जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि जब हिंदू पक्ष, शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड भी जल्द समाधान के पक्ष में हैं, तो फिर कपिल सिब्बल रोड़े क्यों अटका रहे हैं? साथ ही पीएम मोदी ने ये भी पूछा कि 2019 लोकसभा चुनाव से अयोध्या केस कैसे जुड़ा? पीएम मोदी ने शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड की तारीफ भी की. उन्होंने कांग्रेस से पूछा, ‘क्या वक्फ बोर्ड चुनाव लड़ता है? क्या चुनाव के लिए सुनवाई टालने के विचार वक्फ बोर्ड के हैं? देश में कांग्रेस पार्टी चुनाव लड़ रही है. आप चुनाव में राजनीतिक लाभ-हानि के लिए मामले को उलझाए रखना चाहते हैं?’ उन्होंने कहा कि देश में हर छह महीने में कहीं ना कहीं चुनाव होता है. पीएम मोदी ने कहा, ‘हर चीज को राजनीतिक नफा-नुकसान के नजरिये से देखने के रुख से देश का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है.’
पीएम नरेंद्र मोदी का ये बयान बताता है कि राम मंदिर का मुद्दा अब गुजरात चुनावों में हावी हो गया है. कुछ दिन पहले तक चर्चा में रहे विकास और आरक्षण जैसे मसले अब हाशिए पर हैं. वहीं गुजरात में सॉफ्ट हिंदुत्व से शुरुआत करने के बाद जनेऊ के मसले पर सफाई दे चुकी कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी वोटों के ध्रुवीकरण पर उतर चुकी है. दूसरी तरफ अपनी दलील से बीजेपी के निशाने पर आए कपिल सिब्बल ने इस बात की सफाई दी है कि अयोध्या विवाद मामले में वे हाशिम अंसारी के बेटे इकबाल अंसारी के वकील के तौर पर पेश हुए थे, ना कि सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से.

HIMALAYA GAURAV UTTRAKHAND (www.himalayauk.org) C S JOSHI= EDITOR
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